Brihadaranyak Upanishad Gita Press Gorakhpur  PDF

Brihadaranyak Upanishad Gita Press Gorakhpur PDF

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PublisherGita Press (1992)
Categories Veda Upanishad
Languages Hindi, Sanskrit
File Size113.70 MB
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Description

बृहदारण्यक उपनिषद हिंदू दर्शन के सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण उपनिषदों में से एक है। यह शुक्ल यजुर्वेद का भाग है और आत्मा (आत्मन्) तथा परम सत्य (ब्रह्म) के गहरे ज्ञान को प्रस्तुत करता है। इसे मानव इतिहास के सबसे पुराने दार्शनिक ग्रंथों में गिना जाता है। यह संस्करण गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित (1992) है, जो अपनी प्रामाणिकता और पारंपरिक शैली के लिए प्रसिद्ध है। यह पुस्तक सामान्यतः संस्कृत और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे पाठकों को मूल श्लोक और उनका सरल अर्थ समझने में सहायता मिलती है।

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