SundarKanda सुंदरकांड
| Author | Tulasi Das |
|---|---|
| Publisher | Geeta Press (2015) |
| Categories | HanumanJi |
| Languages | Avadhi, Hindi |
| File Size | 0.95 MB |
| Source / Credit | View Original |
Description
Sundara Kanda पूरी Ramcharitmanas का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है। इसमें मुख्य रूप से Hanuman की भक्ति, शक्ति और बुद्धि का वर्णन है। यह कथा उस समय की है जब माता Sita को Ravana लंका ले गया था। भगवान Rama और Lakshmana वन में सीता को खोज रहे थे। उनकी सहायता के लिए Sugriva ने वानर सेना भेजी। खोज दल दक्षिण दिशा की ओर गया, जिसमें हनुमान जी प्रमुख थे। सभी वानर समुद्र किनारे पहुँचते हैं लेकिन लंका समुद्र के पार होती है। कोई भी समुद्र पार नहीं कर पा रहा था। तब Jambavan ने हनुमान जी को उनकी शक्तियों की याद दिलाई और प्रेरित किया। हनुमान जी ने अपने विशाल रूप को धारण किया और समुद्र लांघने का निर्णय लिया।
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