देवकी नंदन खत्री हिंदी साहित्य के ऐसे महान लेखक थे, जिन्होंने हिंदी उपन्यासों को नई दिशा दी। उनका जन्म 1861 में भारत में हुआ था। बचपन से ही उन्हें कहानियाँ सुनने और लिखने का शौक था। उनका परिवार पढ़ा-लिखा था और उन्हें शिक्षा का अच्छा वातावरण मिला। शुरू से ही उनकी रुचि रहस्य, रोमांच और कल्पनात्मक कहानियों में थी। देवकी नंदन खत्री ने हिंदी में उस समय लेखन शुरू किया जब हिंदी उपन्यास बहुत कम पढ़े जाते थे। उन्होंने एक नई शैली शुरू की जिसे “तिलिस्मी और ऐयारी” कहा जाता है।