Laghusiddhanta Koumudi | विश्वविद्यालय लघुसिद्धान्तकौमुदी

Laghusiddhanta Koumudi | विश्वविद्यालय लघुसिद्धान्तकौमुदी

Varadarajacharya

Author Varadarajacharya
Editor Dr. Durga datta Sharma Upadhaya
Publisher mahendra Sanskrit University (2001)
Categories Sanksrit Grammer
Languages Nepali, Sanskrit
File Size 1314.62 MB
Source / Credit View Original
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Description

लघुसिद्धान्तकौमुदी संस्कृत व्याकरण का अत्यन्त प्रसिद्ध और उपयोगी ग्रन्थों में से एक है। इस ग्रन्थ की रचना महान वैयाकरण Varadarajacharya ने की थी। यह पुस्तक पाणिनीय व्याकरण पर आधारित है और संस्कृत व्याकरण को सरल एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करती है। इस संस्करण का सम्पादन Dr. Durga Datta Sharma Upadhaya द्वारा किया गया है तथा इसका प्रकाशन Mahendra Sanskrit University ने सन् 2001 में किया। पुस्तक विशेष रूप से विश्वविद्यालय, गुरुकुल तथा संस्कृत अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अत्यन्त उपयोगी मानी जाती है। इस ग्रन्थ में संस्कृत व्याकरण के मुख्य विषय जैसे संधि, समास, कारक, तद्धित, कृदन्त, धातुरूप, प्रत्यय तथा पाणिनीय सूत्रों का सरल व्याख्यान दिया गया है। कठिन व्याकरणीय सिद्धान्तों को सहज भाषा में समझाने के कारण यह पुस्तक विद्यार्थियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। संस्कृत भाषा का गहन अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा शोधकर्ताओं के लिए यह ग्रन्थ एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है। यह केवल व्याकरण सीखने में ही सहायक नहीं, बल्कि वेद, शास्त्र, कर्मकाण्ड तथा अन्य संस्कृत ग्रन्थों को समझने में भी अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होता है।

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