Mahabharat Vol - 4 | महाभारत खंड - ४

Mahabharat Vol - 4 | महाभारत खंड - ४

Veda Vyasa

Description

महाभारत खंड – 4 महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित विश्वप्रसिद्ध महाकाव्य महाभारत की कथा को आगे बढ़ाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण खंड है। इस भाग में पांडवों और कौरवों के बीच बढ़ते हुए वैचारिक, राजनीतिक और नैतिक संघर्षों का गहन वर्णन मिलता है, जो अंततः महायुद्ध की भूमिका तैयार करता है।इस खंड में धर्म, कर्म, राजधर्म, नीति, भक्ति और त्याग जैसे शाश्वत विषयों पर गंभीर संवाद प्रस्तुत हैं। पात्रों के निर्णय, उनके व्रत, प्रतिज्ञाएँ और रणनीतियाँ पाठक को जीवन के गूढ़ सत्य से परिचित कराती हैं। कथा के साथ-साथ आध्यात्मिक और दार्शनिक तत्व इस ग्रंथ को केवल इतिहास नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन बना देते हैं। हिंदी और संस्कृत भाषा में प्रकाशित यह संस्करण मूल श्लोकों की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए सामान्य पाठकों के लिए भी सहज और पठनीय है। यह खंड विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, धर्म-रुचि रखने वाले पाठकों तथा सनातन संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Author Veda Vyasa
Publisher Gita Press (2015)
Categories Hindi Sahitya, Hundu, s History,
Languages Hindi, Sanskrit
File Size 14.49 MB
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